अध्याय 8

लैला एक पल को जम-सी गई, फिर उसके होंठों पर कड़वी मुस्कान उभर आई। “आप मेरी माँ हैं। आप ऐसी बातें कैसे कह सकती हैं?”

सूसन का चेहरा लाल पड़ गया। उसने जबरन एक अटपटी-सी हँसी हँसी। “दुनिया ऐसे ही चलती है। और सच बताऊँ तो कौन-सा मर्द धोखा नहीं देता? तुम्हारे पापा भी, जब तक ज़िंदा थे…”

वह वाक्य पूरा कर पात...

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